- बिहार के अन्वेषण पाइपलाइन रुझानों की समीक्षा(वित्तीय वर्ष:2016-17 से 2025-26 तक के संदर्भ में)
- बिहार की आगामी संसाधन अर्थव्यवस्था को गति देने के हेतु रणनीतिक विश्लेषण।
- समीक्षा क्रम में यह तथ्य उभरकर सामने आया की बिहार में लघु खनिज, बालू एवं पत्थर एवं बृहद खनिज के रूप में लाइन स्टोन अभी तक राजस्व संग्रहण/समाहरण का मुख्य स्रोत है। अब बिहार में बृहद खनिज के अलावा रेयर अर्थ एलिमेंट एवं क्रिटिकल खनिज भी राजस्व संग्रहण/समाहरण के रूप में चिन्हित किए गए है। समीक्षा क्रम में बताया गया की GSI ने पिछले 10 सालो में 38 प्रोजेक्ट को चिन्हित किया, जिसमें से वर्तमान में 13 विभिन्न खनिजों के ब्लॉक(EL/CL/ML) के चरण में हैं। वर्तमान में बांका जिलांतर्गत कॉपर, लेड, जिंक और जमुई जिलांतर्गत मैग्नेटाइट हेतु खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार द्वारा निविदा की तैयारी की जा रही है।
- बैठक में वन विभाग को निदेशित किया गया कि इको सेंसेटिव जोन एवं वन्य अभ्यारण के क्षेत्रों का वर्गीकृत सीमांकन का अद्यतन रिपोर्ट साझा करे जिससे खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा अधिक से अधिक खनिजों से संबंधित प्रक्रिया को और सरलीकृत किया जा सके।
- खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा अन्वेषण तत्परता, खनन कार्य में दक्षता के अवसर NMEDT(National mineral exploration development trust) के सहयोग से संरचनात्मक एवं नवाचार को अपनाने को प्रोत्साहित करना है।
सचिव, खान एवं भूतत्व सह खान आयुक्त द्वारा सभी संबंधित को बैठक में दिए गए निर्देशों के अक्षरशः एवं सम्यक अनुपालन हेतु निर्देशित किया गया है।
23.07.26 को श्री अवनीश कुमार सिंह,सचिव खान एवं भूतत्व सह खान आयुक्त की अध्यक्षता में राज्य भू-विज्ञान प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक आयोजित की गई।उक्त बैठक में विभागीय निदेशक श्री मनेश कुमार मीणा के अतिरिक्तडीडीजी,भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण संस्थान,पटना,CGWB, BIRSAC, ACF,परामर्शी NISG, परामर्शी पर्यावरण एवं अन्य संस्थान जैसे IBM, MECL AMD,NMDC,CMPDI,सहित खान भूतत्व विभाग से संबंधित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक का एजेंडा
