मुख्यमंत्री उद्यमी योजना ने लगाए युवा उद्यमियों को पंख

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना ने लगाए युवा उद्यमियों को पंख

  • योजना से लाभान्वित हो युवा भर रहे ऊंची उड़ान
  • अबतक कुल 43,049 लाभार्थी ले चुके हैं योजना का लाभ

पटना, 16 जून।

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से अब बिहार के लोग व्यापार के क्षेत्र में ऊंची उड़ान भर रहे हैं। बिहार जो ज्ञान की धरती के रूप में जाना जाता है वो अब स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में भी एक मकाम हासिल कर रहा है। यहां हुनर की कमी नहीं है लेकिन उनके रास्ते में बाधा बन रही है उनकी आर्थिक स्थिति।


बिहार सरकार ने उनकी इस बाधा को दूर करने के लिए भी एक रास्ता निकाला है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत शिक्षित युवा उद्यमियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।


इसमें अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण शामिल है जबकि शेष अधिकतम 5 लाख रुपये अनुदान के रूप में तीन किश्तों में प्रदान की जाती है।

यह योजना राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह खोल रही है। वर्ष 2018 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित करना है। जिससे वे न केवल अपने लिए रोजगार सृजित करें, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम बन सकें।

यह योजना समाज के विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और अब यह बिहार की आर्थिक विकास रणनीति का आधार बन गई है।

इस योजना के तहत अबतक कुल 43049 उद्यमी लाभान्वित हुए हैं। और कुल 3035.54 करोड़ रुपये राशि का वितरण हो चुका है।


इस योजना के अंतर्गत युवाओं ने कई प्रकार के उद्यम स्थापित किए हैं जैसे कि बाढ़ के रौशन कुमार ने फ्लैक्स प्रिंटिंग का कारोबार शुरू किया है जहां उन्होंने अपने साथ कई अन्य लोगों को भी रोजगार दिया है।

ठीक वैसे ही ममता चौधरी ने रेडीमेड गारमेंट्स का कारोबार शुरू किया है।

शिप्रा, वंदना गुप्ता जैसे कई लोगों ने अपना कारोबार शुरू कर अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान किया है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लाभार्थी रौशन कुमार ने बताया कि सरकार ने उनकी काफी मदद की है जिसकी वजह से वे अपने सपने को पूरा कर पाए।

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