राज्य में बाढ़ अवधि पूर्व बाढ़ नियंत्रण एवं कटावरोधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर आज विभाग द्वारा उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता माननीय मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने की। बैठक में प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल, अभियंता प्रमुख श्री वरूण कुमार, अभियंता प्रमुख श्री ब्रजेश मोहन, अभियंता प्रमुख श्री अवधेश कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बाढ़ प्रक्षेत्र के मुख्य अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। बैठक में वर्ष 2026 की संभावित बाढ़ को ध्यान में रखते हुए चल रही तैयारियों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान माननीय मंत्री को बाढ़ प्रक्षेत्रों में संचालित कटावरोधी कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया। मंत्री महोदय ने स्पष्ट किया कि बाढ़ नियंत्रण से जुड़े निविदा निष्पादन सहित अन्य कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए तय समय से पहले पूरा किया जाए, ताकि कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा सके और अतिरिक्त समय का उपयोग स्थल निरीक्षण के लिए किया जा सके।
माननीय मंत्री ने मुख्य अभियंताओं को निर्देश दिया कि कार्य के दौरान समय-समय पर स्थल पर स्वयं जाकर निरीक्षण करें, उपयोग में आने वाली सामग्री गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए, इन कार्यों में संवेदनशीलता बरतें। साथ ही योजनाओं की प्रशासनिक प्रक्रियाओं, जांच-पड़ताल और स्वीकृतियों में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो। सभी कार्य पारदर्शिता के साथ समय पर पूरे किए जाएँ, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर कार्यों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के

क्रियान्वयन में यदि कोई समस्या आती है, तो उसे मुख्यालय स्तर पर तुरंत रिपोर्ट करें, ताकि समस्या का शीघ्र निष्पादन किया जा सके। वहीं, कार्य पूर्ण होने के बाद 2-3 राउंड का निरीक्षण मुख्यालय स्तर से किया जाए, जिससे संरचनाओं की मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल ने कहा कि पिछले वर्ष की बाढ़ अवधि से विभाग ने महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किए हैं। उन अनुभवों से सीख लेकर आगामी योजनाओं को और अधिक प्रभावी एवं व्यावहारिक बनाया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कार्य तय कार्य-योजना और वर्क कैलेंडर के अनुसार शीघ्रता से पूरे किए जाएँ और प्रत्येक परियोजना को समय-सीमा से पहले पूर्ण करने का लक्ष्य रखा जाए।
